बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन को कनाडा में मंजूरी मिल गई फाइजर की वजह से जानिए क्यों है इसका महत्वपूर्ण भून | बच्चों के लिए दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन को मिली मंजूरी, तीसरी लहर की आशंका के बीच जानिए क्यों है बेहद महत्वपूर्ण?

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नई दिल्ली: कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। ये भी कहा जा रहा है कि तीसरी लहर दूसरी से बहुत ज्यादा खतरनाक हो सकती है। इस बीच बच्चों के लिए दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी दी कनाडा के स्वास्थ्य विभाग ने कहा है।

इस कंपनी की वैक्सीन को मंजूरी मिली
कनाडा के ड्रग रेगुलेटर ने फाइजर कंपनी की वैक्सीन को 12-15 साल के बच्चों को लगाने की मंजूरी दे दी है। ऐसा करने वाला कनाडा दुनिया का पहला देश बन गया है। कनाडा के अलावा अमेरिका में भी फाइजर-बायोटेकट की कोरोना वैक्सीन को 12-15 साल के बच्चों पर लगाने की इजाजत जल्द मिल सकती है। बच्चों को वैक्सीन लगाने की मंजूरी मिलने के बाद कनाडा में बच्चे सामान्य जीवन की ओर लौट आएंगे।

100 प्रति प्रभावी होने का दावा
फाइजर की बच्चों को लगाई जाने वाली वैक्सीन के ट्रायल जनवरी से मार्च के बीच में थे। बच्चों पर इस वैक्सीन के 100 प्रतिशत प्रभावी होने का दावा किया जा रहा है। फाइजर के अलावा फार्मा कंपनी मॉडर्ना और जॉनसन और जॉनसन भी बच्चों की वैक्सीन का ट्रायल कर रहे हैं। वहीं भारत में कोविक्सीन के बच्चों पर ट्रायल होने हैं लेकिन अभी तक यह शुरू नहीं हो पाया है।

जानिए क्यों है ये बेहद महत्वपूर्ण
कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के भी संक्रमण की चपेट में आने की आशंका जाहिर की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि अगर तीसरी लहर में बच्चे संक्रमण का शिकार होते हैं तो सरकार के पास क्या योजना है? बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने भी कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के शिशु होने का दावा कर सनसनी फैला दी है। हालांकि उन्होंने अपने दावे के पक्ष में कोई वैज्ञानिक आधार पेश नहीं किया है। लेकिन कोरोना की तीसरी लहर को लेकर लोगों में काफी डर है। यही कारण है कि बच्चों की वैक्सीन को मंजूरी मिलना बेहद महत्वपूर्ण खबर है।

इसके अलावा कोरोना महामारी के खिलाफ टीकाकरण ही सबसे प्रभावी हथियार है। ऐसे में व्यंग और बुजुर्गों के बाद में अब बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिलना सुखद है। हालांकि भारत में बच्चों पर ट्रायल कब तक हो जाएगा, फिर भी इस बारे में कुछ कहना मुश्किल है।

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